ITR Filing 2026: रिटर्न फाइल करने से पहले इन महत्वपूर्ण बातों का रखें ध्यान

क्या आप अपना ITR सही समय पर फाइल करने की योजना बना रहे हैं?


जल्दीबाजी में ITR फाइल करना कई बार नुकसानदायक साबित हो सकता है। सही दस्तावेज़, सही जानकारी और सही समय का इंतज़ार करना उतना ही जरूरी है जितना समय पर रिटर्न फाइल करना।

आयकर विभाग द्वारा ITR फाइलिंग शुरू होते ही बहुत से लोग तुरंत रिटर्न फाइल कर देते हैं, जबकि कई महत्वपूर्ण जानकारी जैसे Form 16, AIS, TIS, Form 26AS आदि पूरी तरह अपडेट नहीं होती। ऐसी स्थिति में गलत ITR, कम टैक्स क्रेडिट या बाद में नोटिस आने की संभावना बढ़ जाती है।

ITR फाइल करने से पहले किन बातों का ध्यान रखें?

1. Form 16 का इंतज़ार करें

यदि आप सैलरीड कर्मचारी हैं, तो अपने नियोक्ता द्वारा जारी Form 16 प्राप्त होने के बाद ही ITR फाइल करना बेहतर रहता है। इससे TDS एवं सैलरी विवरण सही प्रकार से मिलान हो जाता है।

2. AIS, TIS और Form 26AS अवश्य मिलान करें

कई बार बैंक ब्याज, शेयर लेन-देन, TDS, FD interest आदि बाद में अपडेट होते हैं। इसलिए AIS/TIS और Form 26AS की जांच अवश्य करें।

3. सही ITR Form चुनें

गलत ITR फॉर्म चुनने से आपका रिटर्न defective माना जा सकता है।

उदाहरण:

ITR-1 : सामान्य सैलरी/पेंशन आय वाले व्यक्तियों हेतु

ITR-2 : Capital Gain, विदेशी संपत्ति आदि होने पर

ITR-3 : Business / F&O / Professional income होने पर

ITR-4 : Presumptive taxation scheme वालों हेतु


4. सभी बैंक खातों एवं आय का विवरण शामिल करें

छोटी आय या निष्क्रिय बैंक खाते भी कई बार AIS में दिखाई देते हैं। इसलिए सभी आय को शामिल करना जरूरी है।

5. जल्दबाजी में Refund के लालच में फाइल न करें

कई लोग जल्दी refund पाने के लिए बिना पूरी जांच के ITR फाइल कर देते हैं। बाद में Revised Return दाखिल करनी पड़ सकती है।

6. Deduction एवं Exemption सही जांचें

Section 80C, 80D, HRA, Home Loan Interest आदि का सही दावा करें। गलत claim नोटिस का कारण बन सकता है।

7. Capital Gain वाले विशेष सावधानी रखें

शेयर, Mutual Fund, Property आदि के लेन-देन में सही calculation बहुत जरूरी है। गलत reporting future scrutiny का कारण बन सकती है।

8. ITR फाइल करने के बाद Verification करना न भूलें

केवल ITR submit करना पर्याप्त नहीं है। Return का e-verification भी आवश्यक है, अन्यथा return invalid माना जा सकता है।

तो सही समय क्या है?

सामान्यतः जून के मध्य या उसके बाद ITR फाइल करना अधिक सुरक्षित माना जाता है क्योंकि तब तक अधिकतर TDS एवं AIS डेटा अपडेट हो जाता है। हालांकि अंतिम तिथि तक इंतजार करना भी उचित नहीं है।

निष्कर्ष

ITR फाइलिंग केवल एक औपचारिकता नहीं बल्कि एक महत्वपूर्ण कानूनी एवं वित्तीय प्रक्रिया है। सही जानकारी, सही दस्तावेज़ और सही समय के साथ ITR फाइल करने से भविष्य की परेशानियों से बचा जा सकता है।

यदि आपके पास Salary, Business, Capital Gain, F&O, Foreign Assets, TDS mismatch या किसी अन्य प्रकार की जटिल आय है, तो विशेषज्ञ सलाह लेकर ही ITR फाइल करें।

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